![]() कई सपने बिखरते आज मैंने आँखों से देखा है वो आंचल कल जो भरा था आज सूना है निकली थी आह मेरे ही कलेजे से खुली आँखों से रो रो के वो सपना आज देखा है बिखरती मैं रही पल पल बिखरते दिल के टुकडो को टूटते वो रहे और सीने में चुभते आज देखा है हुआ है दर्द इतना की सम्भलना मुस्किल हो रहा नही है शब्द दिल में आज निःशब्द है हर पल हाँ उन मासूमो को तडपते आज देखा हैहे मेरे प्रभु आपसे मैं ह्रदय से प्रार्थना करता हु की इतने निर्दयी राक्षसों को मत भेजो यह क्योकि इतनी निर्दयता हम देखने में सक्षम नही है ??????????????? |
Thursday, October 20, 2016
Sunday, October 9, 2016
हम एक अरब से ज्यादा है ,,,,,,,,,और हम अगर द्रढ़निश्चय कर ले ,,,,,,,
''USA ने JAPAN पर बरसों पहले nuclear bomb गिराया था...
आज USA अपनी एक सूई भी JAPAN में नहीं बेच सकता...
Govt. नहीं रोक सकती अपने देश में किसी भी country को trade n biz करने से...
परन्तु Japanese स्वयं made in USA सामान नहीं खरीदते...
यह है सच्ची देश भक्ति..
SAY "NO" TO CHINESE GOODS''
हम एक अरब से ज्यादा है ,,,,,,,,,और हम अगर द्रढ़निश्चय कर ले ,,,,,,,तो हम आसमान से तारे भी तोड़ कर ला सकते है इसीलिए हमने उपर अपने मित्र की कुछ पंक्तिया शेयर की है जो जापान के लोगो की इछासक्ति की के बारे में बताती है की हम अगर चाह ले तो कुछ भी हो सकता है वो भी अगर पूरी सिद्दत से और एक चीज ये भी मैं कहना चाहता हूँ की हमारे देश में चीनी सामानों को लाने वाले दो वर्ग के लोग ज्यादा है
एक तो राजनेता जो कुछ बीके हुए है तो कुछ नियमो में बंधे हुए
और दुसरे व्यापारी जो थोड़े लालच के लिए चीनी सामानों का जखीरा हमारे यहाँ लेकर आते है और इनका गुणगान करते है
इसलिए इन लोगो से किसी प्रकार की अपेक्षा रखना बेवकूफी होगी और इनकी परसेंटेज ना के बराबर है बाकि हम लोग मध्यम और निचले वर्ग के लोग जो इनका माल खरीदते है वो ९८% के लगभग तो अगर हम लोग जो चाहे वो होगा हम अगर chinese वस्तुओ का बहिस्कार आंशिक रूप से ही करना शुरू कर दे तो कुछ तो असर पड़ेगा ही जैसे -चीनी खिलोने,पटाखे,लाइट,मोबाइल के सामान,जिनके बिना हमारे जीवन में कोई नकारात्मक प्रभाव ना पड़े तो चीन को कुछ तो फर्क पड़ेगा ही साथ में हमारे देश को भी और छोटे और मंझोले व्यापारियों को भी जिनका जीवन यापन इसी पर निर्भर है जो चीनी सामान की घुशपैठ की वजह से चौपट हो गया है
जय हिन्द
जय भारत
आज USA अपनी एक सूई भी JAPAN में नहीं बेच सकता...
Govt. नहीं रोक सकती अपने देश में किसी भी country को trade n biz करने से...
परन्तु Japanese स्वयं made in USA सामान नहीं खरीदते...
यह है सच्ची देश भक्ति..
SAY "NO" TO CHINESE GOODS''
हम एक अरब से ज्यादा है ,,,,,,,,,और हम अगर द्रढ़निश्चय कर ले ,,,,,,,तो हम आसमान से तारे भी तोड़ कर ला सकते है इसीलिए हमने उपर अपने मित्र की कुछ पंक्तिया शेयर की है जो जापान के लोगो की इछासक्ति की के बारे में बताती है की हम अगर चाह ले तो कुछ भी हो सकता है वो भी अगर पूरी सिद्दत से और एक चीज ये भी मैं कहना चाहता हूँ की हमारे देश में चीनी सामानों को लाने वाले दो वर्ग के लोग ज्यादा है
एक तो राजनेता जो कुछ बीके हुए है तो कुछ नियमो में बंधे हुए
और दुसरे व्यापारी जो थोड़े लालच के लिए चीनी सामानों का जखीरा हमारे यहाँ लेकर आते है और इनका गुणगान करते है
इसलिए इन लोगो से किसी प्रकार की अपेक्षा रखना बेवकूफी होगी और इनकी परसेंटेज ना के बराबर है बाकि हम लोग मध्यम और निचले वर्ग के लोग जो इनका माल खरीदते है वो ९८% के लगभग तो अगर हम लोग जो चाहे वो होगा हम अगर chinese वस्तुओ का बहिस्कार आंशिक रूप से ही करना शुरू कर दे तो कुछ तो असर पड़ेगा ही जैसे -चीनी खिलोने,पटाखे,लाइट,मोबाइल के सामान,जिनके बिना हमारे जीवन में कोई नकारात्मक प्रभाव ना पड़े तो चीन को कुछ तो फर्क पड़ेगा ही साथ में हमारे देश को भी और छोटे और मंझोले व्यापारियों को भी जिनका जीवन यापन इसी पर निर्भर है जो चीनी सामान की घुशपैठ की वजह से चौपट हो गया है
जय हिन्द
जय भारत
सोच बदलिए,,,देश बदलेगा ,,,,,,,,,,,,,,,,
क्या हम अपनी एक छोटी सी सोच नही बदल सकते एक छोटी सी सुरुवात करके चीनी वस्तुओ का बहिस्कार करके हाँ 100% संभव नही है पर कुछ प्रतिशत तो संभव है और वही कुछ प्रतिशत अगर हर एक भारतीय करले तो शायद हमारे देश की कुल जनसँख्या लगभग एक अरब बीस करोड के लगभग है उससे कुछ तो असर पड़ेगा ही और हमारे बड़े ये कहते भी आये है की बूँद बूँद से सागर भरता है तो एक नन्ही सी औरुवात तो कर ही सकते है पर कुछ लोग उलटे ही पूछने लगते है या कहने लगते है की आप के पास क्या चीनी सामान नही है तो मैं कहता हूँ की है पर अब नही ,,,,सम्पूर्ण नही तो कुछ का तो बहिस्कार करे .............कम से कम दिवाली में चीनी पटाखों और लाइट का बहिस्कार तो कर ही सकते है इससे भी करोड़ो बचेंगे हमारे देश और देशवासियों का फायदा होगा
जय हिन्द
जय भारत
जय हिन्द
जय भारत
Sunday, October 2, 2016
मेरे ह्रदय में तेरा मंदिर है ,,,,,,,,,,,
![]() मेरे ह्रदय में तेरा मंदिर है और मन बहुत ही चंचल है आँखे है राहे सुन्दर और नयन अश्रु गंगाजल है नित अर्पित करू हर शाम सुबह तेरे दर्शन ही मेरा जीवन है नाही जाना है मंदिर को ना ही जाना है मस्जिद को श्रृद्धा सुमन अर्पित करके करना स्नेहिल जीवन है तू ही है जगपालिनी माँ तेरे नैनों में संसार बसे जो क्रोध भरे उन नैनों में महिषासुर का संघार करे मेरे ह्रदय में तेरा मंदिर है और मन बहुत ही चंचल है आँखे है राहे सुन्दर और नयन अश्रु गंगाजल है ............... जय जय महिषासुरमर्दिनी |
जो अलविदा कह दिया तो तुमसे बिछड़ जाऊंगा
![]() जो अलविदा कह दिया तो तुमसे बिछड़ जाऊंगा |



